UPI MDR Charges 2026: ₹2,000 से ज्यादा Payment पर 0.4% Charge क्यों लगेगा?

UPI MDR Charges 2026 - ₹2000 Limit, 0.4% Fee, and Rules Explained15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले UPI MDR नियमों की पूरी जानकारी

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UPI MDR Charges 2026: ₹2,000 से ज्यादा Payment पर 0.4% Charge क्यों लगेगा?

📅 Updated: September 2026 ⏱️ 15 Min Read

📌 एक नजर में जवाब (Quick Summary)

  • ✓ क्या UPI पर Tax लगा है? UPI MDR कोई Government Tax नहीं है। यह केवल eligible merchant transactions पर लागू होने वाला merchant-side payment ecosystem charge है।
  • ✓ क्या Customer को UPI Charge देना होगा? बिल्कुल नहीं। ग्राहक के लिए UPI पेमेंट हमेशा मुफ्त है।
  • ✓ ₹2,000 तक क्या होगा? P2M पेमेंट्स (व्यापारी को) ₹2,000 तक पूरी तरह फ्री (Zero MDR) रहेंगे।
  • ✓ ₹2,000 से ऊपर क्या होगा? ₹2,000 से अधिक के eligible व्यापारी पेमेंट पर 0.4% का MDR (Merchant Discount Rate) लगेगा।
  • ✓ ₹300 cap क्या है? ₹300 cap MDR amount की maximum cap है। चाहे ट्रांजैक्शन ₹1 लाख का हो, अधिकतम MDR ₹300 ही कटेगा।
  • ✓ Small Merchant (P2PM) को क्या Benefit है? जिन छोटे मर्चेंट्स की महीने की UPI रिसिप्ट ₹1 लाख तक है, उन्हें MDR से छूट (0%) दी गई है।
  • ✓ MDR पर GST: व्यापारी से काटे गए MDR (सर्विस फीस) पर 18% GST अलग से लगता है।

भारत में UPI (Unified Payments Interface) ने डिजिटल पेमेंट्स की दुनिया में क्रांति ला दी है। लेकिन सोशल मीडिया और न्यूज़ में एक खबर तेज़ी से फ़ैल रही है। 15 अक्टूबर 2026 से कुछ चुनिंदा P2M UPI transactions पर MDR framework लागू होगा; इसका मतलब हर UPI payment पर charge लगना नहीं है।

अक्सर लोग UPI Tax और UPI MDR के बीच कंफ्यूज हो जाते हैं। इस 4000+ शब्दों की विस्तृत और Comprehensive Guide में, हम Department of Financial Services और NPCI के आधिकारिक फ्रेमवर्क के आधार पर ₹2,000 की लिमिट, 0.4% चार्ज, और GST के गणित को बहुत ही आसान हिंदी में समझेंगे।

1. UPI MDR Charges 2026: सबसे पहले जानिए क्या बदला है

डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंसियल सर्विसेज (Ministry of Finance) और NPCI की 15 सितंबर 2026 की Official Press Release के अनुसार, भारत में UPI इकोसिस्टम को सस्टेनेबल (sustainable) बनाने के लिए एक नया MDR Framework पेश किया गया है, जो 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।

इस नए नियम के तहत, बड़े व्यापारियों को ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट्स स्वीकार करने पर 0.4% की सर्विस फीस (MDR) चुकानी होगी। छोटे व्यापारियों को इस नियम से पूरी तरह बाहर रखा गया है।

2. क्या UPI पर Tax लग गया है?

इंटरनेट पर सर्च की जाने वाली “UPI पर टैक्स” जैसी भाषा केवल गलतफहमी (Search intent) का परिणाम है। यहाँ factual distinction (तथ्यात्मक अंतर) समझना बहुत ज़रूरी है:

  • MDR vs Tax: UPI MDR कोई Government Tax नहीं है। यह एक मर्चेंट-साइड पेमेंट प्रोसेसिंग चार्ज है, जो पेमेंट कंपनियाँ अपनी सर्विस के बदले लेती हैं। Government tax सरकार द्वारा लगाया जाता है, जबकि MDR ecosystem charge है।
  • Customer vs Merchant: कस्टमर-साइड UPI पेमेंट और मर्चेंट-साइड MDR दो बिल्कुल अलग concepts हैं। कस्टमर को सिर्फ अपने सामान के पैसे देने होते हैं, जबकि MDR दुकानदार की कमाई में से कटता है।
  • GST का पहलू: हाँ, MDR अमाउंट (जो कि एक सेवा है) पर 18% GST लगता है, जो एक अलग टैक्सेशन मुद्दा है। लेकिन यह GST मर्चेंट द्वारा दी जाने वाली फीस पर है, पूरे ट्रांजैक्शन अमाउंट पर नहीं।

3. 15 अक्टूबर 2026 से UPI में क्या बदल रहा है?

NPCI और वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए फ्रेमवर्क के अनुसार, यह एक clean table है जो समझाती है कि बदलाव क्या हैं:

ट्रांजैक्शन (Transaction Type) MDR रेट (MDR Rate)
P2P (व्यक्तियों के बीच ट्रांसफर) ₹0 (पूरी तरह मुफ्त)
P2M ≤ ₹2,000 (व्यापारी पेमेंट) ₹0
P2M > ₹2,000 (बड़े व्यापारिक पेमेंट) 0.4% (व्यापारी द्वारा देय)
₹75,000+ (अत्यधिक बड़े पेमेंट) Maximum ₹300 (Cap)
Eligible Small Merchant (P2PM) ₹0
Special Sectors (रेलवे, फ्यूल आदि) अलग रियायती दर (Concessional rate)

Current reporting यह पुष्टि करती है कि भारत में P2M (Person-to-Merchant) के लिए स्टैण्डर्ड दर 0.4% और अधिकतम कैप ₹300 ही है।

4. MDR क्या होता है?

MDR (Merchant Discount Rate) वह फीस है जो किसी व्यापारी को डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करने और पेमेंट अपने बैंक खाते में सेटल (Settle) करवाने के बदले में पेमेंट कंपनियों को देनी पड़ती है।

सिंपल उदाहरण: अगर आप किसी दुकानदार को क्रेडिट कार्ड से ₹10,000 का पेमेंट करते हैं, तो उस पर अमूमन 1.5% से 2% MDR लगता है। बैंक ₹150 से ₹200 काटकर दुकानदार को बाकी पैसे देता है। UPI में अब यही कांसेप्ट लागू किया गया है, लेकिन इसका रेट कार्ड्स की तुलना में बेहद कम (0.4%) है।

5. UPI क्या है और यह कैसे काम करता है?

UPI (Unified Payments Interface) एक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है। एक सेकंड में पैसा ट्रांसफर होने के पीछे यह पूरा तंत्र (Ecosystem) काम करता है:

Customer Bank (ग्राहक का बैंक) ↓ UPI App / PSP (PhonePe, GPay आदि) ↓ NPCI UPI Network (स्विचिंग) ↓ Merchant Acquiring Bank (व्यापारी का बैंक) ↓ Merchant Account (व्यापारी का खाता)

इस ईकोसिस्टम में NPCI, PSP और बैंकों की भूमिकाएं बिल्कुल अलग-अलग होती हैं, और यह सभी मिलकर एक सुरक्षित सेटलमेंट फ्लो सुनिश्चित करते हैं।

6. NPCI क्या है?

NPCI (National Payments Corporation of India) भारत में रिटेल पेमेंट्स और सेटलमेंट सिस्टम ऑपरेट करने वाली प्रमुख संस्था है।

  • UPI का संचालन (Operated by) पूरी तरह से NPCI द्वारा किया जाता है।
  • NPCI की स्थापना Reserve Bank of India (RBI) और Indian Banks’ Association (IBA) के मार्गदर्शन में हुई थी।
  • यह कोई सामान्य सरकारी विभाग नहीं है, बल्कि बैंकों द्वारा प्रमोटेड एक गैर-लाभकारी (Not-for-profit) कंपनी है। UPI किसी एक प्राइवेट ऐप (जैसे Paytm या PhonePe) का प्रोडक्ट नहीं है, बल्कि यह NPCI का राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर है।

7. UPI का इतिहास: 2016 से 2026 तक

भारतीय डिजिटल पेमेंट की यात्रा बेहद शानदार रही है। आइए इस Timeline format से समझते हैं:

2016

UPI का आधिकारिक Launch और नोटबंदी (Demonetisation) के समय BHIM ऐप की शुरुआत।

2017-2020

PhonePe / Google Pay का भारी एक्सपेंशन और ‘जीरो MDR’ (Zero MDR era) का लागू होना।

2021-2025

UPI 2.0 और UPI scale: अरबों ट्रांजैक्शंस प्रतिमाह। साथ ही UPI Lite, UPI 123PAY और RuPay Credit Card on UPI जैसी नई सुविधाओं की शुरुआत।

2026

नया 2026 MDR Framework लागू किया गया, ताकि इंफ्रास्ट्रक्चर को सस्टेनेबल बनाया जा सके।

8. UPI इतने साल Free कैसे रहा?

यह इस आर्टिकल का सबसे महत्वपूर्ण सेक्शन है। जब सिस्टम चलाने में हज़ारों करोड़ लगते हैं, तो यह फ्री कैसे था?

  • Zero MDR Policy: सरकार ने व्यापारियों और ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट्स की आदत डालने के लिए इस पर फीस शून्य कर दी थी।
  • Government Support / Incentives: बैंकों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार (Ministry of Finance) हर साल सब्सिडी (Incentives) बैंकों को देती थी।
  • Ecosystem Economics: पेमेंट कंपनियों (PSPs) और बैंकों का बिज़नेस मॉडल ‘यूज़र एक्वीजीशन’ (User Acquisition) पर आधारित था। उनका लक्ष्य अधिक से अधिक ग्राहकों को अपने प्लेटफार्म से जोड़ना था।

9. Zero-MDR Policy क्या थी?

जनवरी 2020 में सरकार ने ‘जीरो-MDR पॉलिसी’ लागू की थी। इसके तहत यह अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया था कि RuPay डेबिट कार्ड और UPI पेमेंट्स पर व्यापारियों से कोई भी MDR नहीं वसूला जाएगा। इसने छोटे शहरों और गाँवों तक डिजिटल पेमेंट पहुँचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

10. ₹2,000 वाली लिमिट कैसे काम करती है?

इस नियम को लेकर व्यापारियों में बहुत भ्रम है कि क्या 2000 के ऊपर के ‘अतिरिक्त’ अमाउंट पर चार्ज लगेगा या पूरे पर? इसे स्पष्ट करते हैं:

Reader को clearly बता दें कि threshold cross होने पर applicable transaction amount (यानी पूरे अमाउंट) पर MDR calculate होता है; केवल threshold से ऊपर के ₹1 या ₹2 पर नहीं।

  • ➔ ₹1,999: ₹2000 से कम है → ₹0 MDR
  • ➔ ₹2,000: एग्जेक्ट ₹2000 पर भी → ₹0 MDR
  • ➔ ₹2,001: लिमिट क्रॉस होते ही पूरे ₹2,001 पर 0.4% लगेगा → ₹8.004 MDR
  • ➔ ₹3,000: 0.4% के हिसाब से → ₹12 MDR
  • ➔ ₹10,000: 0.4% के हिसाब से → ₹40 MDR
  • ➔ ₹50,000: 0.4% के हिसाब से → ₹200 MDR
  • ➔ ₹75,000: 0.4% के हिसाब से → ₹300 MDR
  • ➔ ₹1,00,000: 1 लाख का 0.4% ₹400 होता है, लेकिन ₹300 Cap (अधिकतम सीमा) की वजह से मर्चेंट को सिर्फ़ → ₹300 MDR ही देना होगा।

यह सेक्शन search intent के लिए बहुत पावरफुल है, इसे अच्छे से समझ लें।

11. Interactive UPI MDR Calculator 2026 (खुद Calculate करें)

व्यापारियों की सुविधा के लिए हमने नीचे एक UPI MDR Calculator दिया है। इसमें आप अमाउंट डालकर देख सकते हैं कि MDR और 18% GST कटने के बाद आपके पास कितना पैसा आएगा।

UPI MDR Calculator 2026

Payment amount डालें और अनुमानित MDR + GST देखें।

यह calculator informational estimate है। Actual settlement/acquiring arrangement, merchant category और applicable tax rules के अनुसार amount अलग हो सकता है।

12. क्या Customer को UPI Charge देना होगा?

Clear answer (स्पष्ट जवाब):

  • P2P (व्यक्ति से व्यक्ति): नहीं।
  • Eligible P2M (व्यापारी को): customer-side UPI fee बिल्कुल नहीं है।

कस्टमर को पेमेंट करते समय कोई एक्स्ट्रा पैसा नहीं देना है। मर्चेंट-साइड इकॉनॉमिक्स (Merchant-side economics) और GST को मर्चेंट खुद अपने प्रॉफिट मार्जिन या एक्वायरिंग बैंक के साथ सेटल करता है।

13. UPI MDR पर 18% GST क्या है?

यह करंट आर्टिकल में बहुत ज़रूरी सेक्शन है। GST टोटल UPI पेमेंट (transaction value) पर नहीं लगता है। GST केवल MDR सर्विस फीस पर लगता है।

Example (₹10,000 payment):

  • MDR = ₹40
  • 18% GST on MDR = ₹7.20
  • Total MDR-related cost = ₹47.20

Eligible GST-registered merchants applicable GST conditions पूरी होने पर MDR पर charged GST का ITC claim कर सकते हैं। हालांकि, non-registered merchant के लिए यह GST कम्पोनेंट एक additional cost बन सकता है। exact tax treatment मर्चेंट के व्यापारिक सरकमस्टांसेस (circumstances) पर depend कर सकता है।

14. क्या दुकानदार Customer से MDR वसूल सकता है?

क्या दुकानदार आपसे UPI फीस मांग सकता है? Department of Financial Services (DFS) के नियमों और व्यावहारिक परिदृश्य (practical scenario) के अनुसार, MDR को मर्चेंट-साइड सर्विस चार्ज माना गया है।

exact notification language के अनुसार, किसी भी मर्चेंट को डिजिटल पेमेंट्स स्वीकार करने पर ग्राहकों से सरचार्ज (Surcharge) लेने की अनुमति नहीं है। कानूनी तौर पर, मर्चेंट को यह खर्च खुद वहन करना होता है।

15. P2PM और Small Merchant Exemption क्या है?

P2PM (Person-to-Person-to-Merchant) को पूरी तरह इम्प्रूव करते हुए समझते हैं।

P2PM क्या है? P2PM छोटे merchants/vendors के लिए इस्तेमाल होने वाली merchant classification है, जिसके तहत eligible merchants को निर्धारित conditions के अनुसार zero-MDR protection मिलता है। इसे Person-to-Person-to-Merchant का fabricated full form नहीं समझना चाहिए।

  • ₹1 lakh threshold: जिन मर्चेंट्स की monthly inward UPI threshold (महीने की कुल रिसीप्ट) ₹1 लाख से कम होती है, उन्हें P2PM क्लासिफाई किया जाता है।
  • Zero MDR Protection: इन मर्चेंट्स को पूरी तरह MDR से सुरक्षा मिलती है।
  • GST registration requirement: P2PM मर्चेंट्स के लिए GST रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं है।
  • Acquiring bank / PSP classification: मर्चेंट को P2PM क्लासिफाई करने की जिम्मेदारी और threshold monitoring एक्वायरिंग बैंक या PSP (पेमेंट ऐप) की होती है।

Very Important Clarification: अगर P2PM merchant को कभी अचानक ₹2,000 से ज्यादा का single payment मिलता है, तो केवल किसी एक transaction के ₹2,000 से ऊपर होने से eligible P2PM merchant को automatically standard MDR category में नहीं डालना चाहिए। Merchant classification और applicable eligibility conditions महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, अगर एक eligible P2PM merchant को ₹5,000 का payment मिलता है, तो वह भी rules के तहत MDR-free हो सकता है।

16. अगर Small Merchant की UPI Receipt ₹1 लाख से ज्यादा हो जाए तो क्या होगा?

NPCI FAQ में बताए गए framework के अनुसार, acquiring banks / PSPs लगातार मर्चेंट्स की transaction activity monitor कर सकते हैं। ₹1 lakh monthly inward threshold relevant है।

Official FAQ में बताए गए framework के अनुसार, यदि किसी P2PM मर्चेंट की रिसीप्ट लगातार 3 महीने (3 months) तक ₹1 लाख का threshold cross कर जाती है, तो उनके प्रोफाइल को स्टैण्डर्ड P2M (Standard Merchant) क्लासिफिकेशन में transition किया जा सकता है, जिसके बाद उन पर सामान्य MDR नियम लागू हो सकते हैं।

17. ₹5 MDR वाले Special Sectors कौन-कौन से हैं?

Official FAQ में mentioned applicable categories के अनुसार, कुछ विशेष सेक्टर्स को रियायत दी गई है जहाँ ₹2000 से ऊपर की पेमेंट्स पर भी 0.4% नहीं, बल्कि फ्लैट MDR लगता है।

सेक्टर / केटेगरी रियायती MDR (₹2000 से ऊपर)
Railway / Transport Applicable concessional MDR framework
Fuel (पेट्रोल पंप) Applicable concessional MDR framework (e.g. ₹5 flat where clearly supported)
Telecom Applicable concessional MDR framework
Insurance Applicable concessional MDR framework
Public Utility Payments (Electricity, Water, Piped Natural Gas) Applicable category और prescribed framework के अनुसार concessional treatment मिल सकता है।
Education-related payments Concessional rates (As per framework)

18. UPI MDR और RuPay Credit Card on UPI में क्या अंतर है?

current article में यह distinction बहुत जरूरी है:

  • Bank-account UPI: जब पैसा सीधे बैंक खाते से कटता है, तो नया MDR 0.4% (अधिकतम ₹300) है।
  • RuPay Credit Card linked to UPI: जब आप UPI पर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो उसका MDR/interchange framework बिल्कुल अलग होता है। NPCI credit-card-on-UPI documentation के अनुसार, इस पर अलग MDR लगता है, और इसमें ₹2000 की अलग शर्तें होती हैं।
  • दोनों को एक जैसा नहीं माना जा सकता, क्योंकि क्रेडिट कार्ड में क्रेडिट लाइन (उधार) का जोखिम और खर्च शामिल होता है।

19. UPI MDR और Traditional Card MDR में कितना अंतर है?

वर्तमान 2026 official framework के अनुसार यह तुलना कुछ इस प्रकार दिखती है:

पेमेंट का तरीका (Payment Method) Framework
Bank-account UPI (P2M > ₹2000) UPI MDR framework
Debit Card (POS) Separate card MDR framework
Credit Card (POS/Online) Separate card/interchange framework
RuPay Credit Card on UPI Separate applicable framework
Wallet / Payment Gateway Provider/category-specific pricing

20. MDR से मिलने वाला पैसा कहाँ इस्तेमाल होगा?

MDR से उत्पन्न revenue payment ecosystem में शामिल eligible participants, जैसे banks और payment application providers, के बीच applicable framework/commercial arrangements के अनुसार वितरित हो सकता है।

Official FAQ के अनुसार MDR framework का उद्देश्य इकोसिस्टम को मजबूत बनाना है। इसका उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए हो सकता है:

  • Infrastructure resiliency (इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना)
  • Innovation (नई तकनीक विकसित करना)
  • Cybersecurity (धोखाधड़ी और हैकिंग से बचाव)
  • Customer service (कस्टमर केयर को बेहतर करना)
  • Payment ecosystem sustainability

21. Small Merchant Fund क्या है?

Official FAQ के अनुसार, यह एक प्रस्तावित framework/dedicated fund है। इसका उद्देश्य Tier 3–6 centres, North-East, Jammu & Kashmir, Ladakh और ग्रामीण इलाकों (rural/smaller centres) में digital payment infrastructure को बढ़ावा देना है। इसके तहत merchant onboarding और small merchant incentives प्रदान करने की योजना का उल्लेख किया गया है।

22. क्या ₹2,000 से कम के UPI payments सच में प्रभावित नहीं होंगे?

Official information के अनुसार, P2M transactions up to ₹2,000 remain free। Official government communication के अनुसार लगभग 96% P2M UPI transactions इस MDR framework से unaffected रहेंगे। इसका मतलब है कि देश के बहुसंख्यक डिजिटल ट्रांजैक्शंस पर इस नियम का कोई आर्थिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

23. UPI MDR क्यों वापस आया?

MDR की वापसी के पीछे कई कारण हैं (Industry estimates और Reported analysis के अनुसार):

  • Payment infrastructure cost: अरबों ट्रांजैक्शंस के लिए सर्वर्स की कॉस्ट।
  • Cybersecurity & Fraud prevention: सिस्टम की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • Long-term sustainability: government incentive model पर हमेशा निर्भर नहीं रहा जा सकता, bank/PSP economics को संतुलित करना आवश्यक है।

(Industry estimates के अनुसार payment infrastructure की कॉस्ट सालाना ₹20,000 crore हो सकती है।)

24. Customer पर असर और Merchant पर असर

Customer (ग्राहक): P2P पेमेंट्स पर no MDR। Normal eligible P2M पेमेंट्स पर भी customer-side UPI fee शून्य है। ₹2,000 threshold मर्चेंट के लिए है।

Merchant (व्यापारी) Business examples:

  • Grocery (किराना): ज़्यादातर बिल ₹2000 से कम होते हैं, इसलिए छूट का लाभ मिलेगा।
  • Restaurant / Education / E-commerce: बिल अक्सर ₹2000 से ऊपर जाते हैं, इसलिए 0.4% चार्ज देना होगा।
  • Electronics / Jewellery: बहुत बड़े पेमेंट्स होते हैं (₹50k-₹1 लाख), इसलिए इन्हें मैक्सिमम कैप (₹300) का फायदा मिलेगा।
  • Fuel / Utility bills / Insurance: कंसेशनल रेट लागू हो सकता है।

25. Fake News vs Fact

इंटरनेट पर फैली गलत सूचनाओं को Official Sources से verify करके यहाँ स्पष्ट किया गया है:

  • ❌ Fake: हर UPI payment पर 0.4% चार्ज लगेगा।
    ✅ Fact: केवल P2M ₹2000 से ऊपर की पेमेंट्स पर।
  • ❌ Fake: ₹500 UPI payment पर tax लग गया है।
    ✅ Fact: MDR government tax नहीं है, और ₹500 (₹2000 से कम) पर कोई MDR नहीं है।
  • ❌ Fake: P2P (दोस्तों को पैसे भेजने) पर MDR लगेगा।
    ✅ Fact: P2P पेमेंट्स पूरी तरह मुफ्त हैं।
  • ❌ Fake: ₹2,000 से ऊपर केवल extra amount (जैसे ₹2500 पर सिर्फ ₹500) पर MDR लगेगा।
    ✅ Fact: नहीं, लिमिट पार होने पर पूरे अमाउंट (₹2500) पर चार्ज लगता है।

26. UPI MDR 2026 FAQs

1. UPI MDR क्या है?

UPI MDR (Merchant Discount Rate) वह फीस है जो किसी भी दुकानदार या व्यापारी को डिजिटल UPI पेमेंट एक्सेप्ट करने के बदले पेमेंट नेटवर्क और बैंकों को चुकानी पड़ती है। यह टैक्स नहीं, बल्कि एक सर्विस चार्ज है।

2. क्या UPI पर tax लग गया?

नहीं, UPI पर कोई सरकारी टैक्स नहीं लगा है। केवल बड़े व्यापारिक पेमेंट्स (P2M) पर मर्चेंट-साइड सर्विस चार्ज (MDR) लागू किया गया है।

3. ₹2,000 से ज्यादा UPI payment पर क्या होगा?

अगर आप किसी व्यापारी (P2M) को ₹2,000 से ज़्यादा का पेमेंट करते हैं, तो उस व्यापारी को उस ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR फीस देनी होगी।

4. ₹2,001 पर MDR कितना?

₹2,001 पर 0.4% के हिसाब से लगभग ₹8.004 MDR लगेगा। (ध्यान दें, चार्ज पूरे ₹2001 पर लगेगा, सिर्फ ऊपर के ₹1 पर नहीं)।

5. ₹10,000 पर MDR कितना?

₹10,000 पर 0.4% के हिसाब से ₹40 MDR लगेगा।

6. ₹75,000 पर MDR कितना?

₹75,000 पर 0.4% के हिसाब से ₹300 MDR लगेगा। यहीं पर ₹300 की अधिकतम सीमा (Cap) पूरी हो जाती है।

7. ₹1 lakh payment पर MDR कितना?

₹1 लाख पर भी 0.4% की दर से ₹400 होता है, लेकिन कैपिंग (Cap) की वजह से मर्चेंट को सिर्फ ₹300 ही MDR देना होगा।

8. ₹300 cap कैसे काम करती है?

₹300 कैप का मतलब है कि चाहे ट्रांजैक्शन 1 लाख का हो या 5 लाख का, किसी भी एक ट्रांजैक्शन पर व्यापारी से MDR के रूप में ₹300 से ज़्यादा नहीं काटे जाएंगे।

9. Customer को charge देना होगा?

बिल्कुल नहीं! आम ग्राहकों (Consumers) के लिए UPI पेमेंट हमेशा की तरह मुफ्त है। यह चार्ज केवल व्यापारियों पर लागू होता है।

10. P2P payment पर MDR?

P2P (दोस्तों, परिवार को पैसे भेजना) ट्रांजैक्शन 100% फ्री है। इस पर कोई MDR नहीं है।

11. P2PM क्या है?

P2PM छोटे व्यापारियों के लिए एक merchant classification है जहाँ MDR शून्य होता है।

12. ₹1 lakh threshold क्या है?

P2PM या छोटे व्यापारियों को तब तक MDR से छूट (Zero MDR) मिलती है जब तक उनकी महीने भर की UPI रिसीप्ट ₹1 लाख (₹1,00,000) से कम रहती है।

13. Small merchant को GST registration चाहिए?

NPCI के नियमों के अनुसार छोटे व्यापारियों (P2PM) को UPI स्वीकार करने के लिए GST रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं होती।

14. Small merchant को ₹2,000 से ज्यादा payment मिलने पर MDR लगेगा?

अगर मर्चेंट P2PM केटेगरी (महीने का 1 लाख से कम टर्नओवर) में है, तो उसे ₹2000 से ज़्यादा का सिंगल पेमेंट मिलने पर भी MDR नहीं देना होगा। छूट उनके ओवरऑल टर्नओवर पर निर्भर करती है।

15. MDR पर GST कितना?

काटे गए MDR अमाउंट (सर्विस फीस) पर व्यापारी को 18% GST अलग से चुकाना होता है।

16. GST का ITC कौन claim कर सकता है?

जो बड़े व्यापारी GST रजिस्टर्ड हैं, वे MDR पर काटे गए 18% GST का Input Tax Credit (ITC) अपने रिटर्न्स में क्लेम कर सकते हैं।

17. MDR का पैसा कहाँ जाता है?

यह फीस मुख्य रूप से ग्राहक के बैंक (Issuing Bank), मर्चेंट के बैंक (Acquiring Bank), UPI ऐप (PSP) और NPCI के बीच बांटी जाती है।

18. Small Merchant Fund क्या है?

यह सरकार/सिस्टम द्वारा प्रस्तावित एक फंड है जिसका उद्देश्य टियर 3-6 शहरों और ग्रामीण इलाकों में छोटे व्यापारियों को डिजिटल पेमेंट्स से जोड़ने के लिए इन्सेन्टिव (Incentive) देना है।

19. Fuel payment पर MDR?

पेट्रोल पंप (Fuel) पर ₹2000 से ऊपर की पेमेंट पर applicable concessional MDR framework लागू होता है।

20. Insurance payment पर MDR?

इंश्योरेंस प्रीमियम पेमेंट्स पर भी ₹2000 से ऊपर applicable concessional MDR framework लागू होता है।

21. Electricity bill पर MDR?

पब्लिक यूटिलिटी जैसे बिजली के बिल (Electricity) पर भी विशेष कंसेशनल MDR रेट्स लागू होंगे।

22. Education fee पर MDR?

स्कूल और शिक्षा (Education) सम्बंधित पेमेंट्स को भी आवश्यक श्रेणी में रखकर कंसेशनल MDR के दायरे में रखा गया है।

23. RuPay Credit Card on UPI का MDR?

RuPay क्रेडिट कार्ड से UPI पेमेंट करने पर मर्चेंट को एक अलग निर्धारित MDR चुकाना होता है (जो बैंक अकाउंट वाले UPI से अलग और अधिक होता है)।

24. MDR कब से लागू होगा?

डिपार्टमेंट ऑफ़ फाइनेंसियल सर्विसेज और NPCI के आधिकारिक फ्रेमवर्क के अनुसार, यह 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगा।

25. क्या UPI फिर paid हो गया?

ग्राहकों के लिए यह 100% फ्री है, लेकिन बड़े मर्चेंट्स के लिए अब यह पेड (MDR आधारित) सर्विस हो गई है।

📢 Official Sources & References

▶️ Related Video / UPI MDR Explainer

नीचे दी गई वीडियो में इस विषय को विस्तार से समझाया गया है (Supporting source):

अधिक जानकारी के लिए पढ़ें: UPI क्या है? | Digital Payment क्या है? | Online Fraud से कैसे बचें?

Disclaimer: यह आर्टिकल केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। नवीनतम और आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा NPCI और भारत सरकार की वेबसाइट्स का संदर्भ लें।

 

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By Joy Dutta

Infotech Keeda ek Hindi technology platform hai jahan Computer, AI, Internet, SEO aur Digital Technology se judi jankari share ki jati hai.

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